मेरा तजुर्बा मंज़िल क्रिकेट टीम के साथ
हेल्लो, मेरा नाम
राधिका है, मैं अपना तजुर्बा बताने जा रही हूँ ! मंज़िल की क्रिकेट टीम के साथ
खेलकर मुझे जितना अच्छा लगा वो मेरे लिए लिखकर या मेरे शब्दों में बयाँ करना बहुत मुश्किल
है | पर फिर भी मैं वो सारी बाते लिखकर जाहिर कर रही हूँ | मेरा पूरा नाम राधिका
चोरसिया है, मैं मंज़िल की अंग्रेजी (प्रैक्टिस) की क्लास में अंग्रेजी सीखने आती
हूँ |
मुझे क्रिकेट देखना बहुत पसंद है और उससे भी ज्यादा खेलना और फिर खेल में चाहे गुल्ली डंडा ही क्यों न हो | बचपन से ही मुझे खेलने का बहुत शौक़ है | अभी तक मेरी आधी ज़िंदगी ज्यादातर खेलों में ही गुजरी है | मैं आगे भी खेलना पसंद करुँगी | मैं आप लोगों को बता भी नही सकती कि जब मैंने मंज़िल में क्रिकेट खेलने का नोटिस देखा नोटिस देखते ही मैं उस समय कितनी खुश हुई थी, और मुझे मेरे जीवन का मौक़ा मिला है ढेर सारे दोस्त और पुराने दोस्तों के साथ खेलने का जिसका मुझे बहुत दिनों से इंतजार था | फिर मैंने उस नोटिस में हस्ताक्षर किये और (10 दिसम्बर 2017) को हम सभी मंज़िल के (24) बच्चे क्रिकेट खेलने के लिए निकल गए |
मुझे क्रिकेट देखना बहुत पसंद है और उससे भी ज्यादा खेलना और फिर खेल में चाहे गुल्ली डंडा ही क्यों न हो | बचपन से ही मुझे खेलने का बहुत शौक़ है | अभी तक मेरी आधी ज़िंदगी ज्यादातर खेलों में ही गुजरी है | मैं आगे भी खेलना पसंद करुँगी | मैं आप लोगों को बता भी नही सकती कि जब मैंने मंज़िल में क्रिकेट खेलने का नोटिस देखा नोटिस देखते ही मैं उस समय कितनी खुश हुई थी, और मुझे मेरे जीवन का मौक़ा मिला है ढेर सारे दोस्त और पुराने दोस्तों के साथ खेलने का जिसका मुझे बहुत दिनों से इंतजार था | फिर मैंने उस नोटिस में हस्ताक्षर किये और (10 दिसम्बर 2017) को हम सभी मंज़िल के (24) बच्चे क्रिकेट खेलने के लिए निकल गए |

धन्यवाद
राधिका
(छात्रा)
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